इब्सनवाद का सार — हिंदी सारांश
लेखक: जॉर्ज बर्नार्ड शॉ
श्रेणी: आलोचना
पुस्तक का परिचय
इब्सनवाद का सार में Ibsen, सामाजिक समस्या-नाटक, marriage, morality और Victorian convention की आलोचना केंद्र में है। यह Booknomics page आलोचक के verdict को अंतिम सत्य नहीं मानता; पहले यह देखता है कि लेखक कौन-सी कसौटियाँ बनाता है, किन texts/examples को evidence की तरह इस्तेमाल करता है, किन assumptions पर judgment टिकता है, और बाद की criticism उन assumptions को कैसे चुनौती दे सकती है।
मुख्य विचार
आलोचनात्मक प्रश्न। इब्सनवाद का सार में आलोचनात्मक प्रश्न आलोचना के उस स्तर को खोलता है जहाँ interpretation, evidence और value judgment एक-दूसरे से जुड़ते हैं। मूल अवधारणाएँ। इब्सनवाद का सार में मूल अवधारणाएँ आलोचना के उस स्तर को खोलता है जहाँ interpretation, evidence और value judgment एक-दूसरे से जुड़ते हैं। पद्धति। इब्सनवाद का सार में पद्धति आलोचना के उस स्तर को खोलता है जहाँ interpretation, evidence और value judgment एक-दूसरे से जुड़ते हैं। पाठ और प्रमाण। इब्सनवाद का सार में पाठ और प्रमाण आलोचना के उस स्तर को खोलता है जहाँ interpretation, evidence और value judgment एक-दूसरे से जुड़ते हैं। रूप और संरचना। इब्सनवाद का सार में रूप और संरचना आलोचना के उस स्तर को खोलता है जहाँ interpretation, evidence और value judgment एक-दूसरे से जुड़ते हैं। भाषा और शैली। इब्सनवाद का सार में भाषा और शैली आलोचना के उस स्तर को खोलता है जहाँ interpretation, evidence और value judgment एक-दूसरे से जुड़ते हैं। ल…